Court-कोर्ट में ऍप्लिकेशन्स कैसे लिखी जाती है ?

Court ऍप्लिकेशन्स कैसे लिखे:- अगर आप भी कोई ऐसी ऍप्लिकेशन्स लिखना चाहते है जिसको आपको कोर्ट में जमा करनी होती है। तो आप नीचे दिए हुए format को follow कर सकते है, जिसके जरिये आप एक प्रोफेशनल तरीके से उस ऍप्लिकेशन्स को लिख पाएंगे।

 

Court-पहेली ऍप्लिकेशन्स देखे और लिखे

न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय जनपद, मेरठ 

जमानत प्रार्थना-पत्र संख्या सन 2021 

सरकार बनाम xyz (यह आप नाम लिखे) 

अ० धारा- xyz, xyz, 

थाना- यह आप अपना पता लिख सकते है। 

मु०अ०सं०- 187 सन 2021 

श्रीमान जी,

Court application

प्रथम जमानत प्रार्थना-पत्र ओर से राहुल उर्फ फट्टू पुत्र श्री-बालकिशन नि० ग्राम-अठसैनी, थाना-गढ़मुक्तेश्वर जिला-हापुड़ निम्न प्रकार से है।

जमानत के आधार:- 

  1. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त निर्दोष है और उपरोक्त मुकदमे में झूठा फसाया गया है। 
  2. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त का कोई भी अपराधिक इतिहास नहीं है।
  3. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त एक सम्मानित परिवार का सदस्य है।
  4. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त के विरुद्ध कोई भी स्वतंत्र साक्ष्य या साक्षी नहीं है जो भी साक्षीगण दर्शित किये गए हैं वह हितबद्ध साक्षी हैं।
  5. यह है कि प्रार्थी/अभियुक्त के विरुद्ध उपरोक्त धाराओं में अपराध नहीं बनता है और घटना का कोई भी चश्मदीद साक्षी नहीं है।
  6. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त की प्रथम सूचना रिपोर्ट में अंकित धारा xyz होना नहीं बनता है। क्योंकि प्रथम सूचना रिपोर्ट की वादियां ने दिनांक xx-xx-xxxx को एक मंदिर में प्रेम विवाह किया था तथा तभी से पति-पत्नी के रूप में एक साथ रह रहे हैं दोनों के ससर्ग से दो बच्चे उत्पन्न हुए हैं जिसमें एक पुत्र की उम्र करीब 2 वर्ष व दूसरे की उम्र 3 माह है। विवाह के फोटोग्राफ जमानत प्रार्थना-पत्र के साथ एनेक्चर के रूप में संलग्न है।
  7. यह कि उपरोक्त मुकदमा वादिया को वादिया के पिता ने डरा धमका कर दर्ज कराया है वादिया कम पढ़ी लिखी है तथा वादिया के पिता ने बिना पढ़े कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए थे।
  8. यह कि उपरोक्त मुकदमे की वादिया माननीय न्यायालय के समक्ष अपना ब्यान देने को तैयार है तथा जमानत प्रार्थना-पत्र के साथ अपना शपथ-पत्र दे रही है जो एनेक्चर के रूप में सलग्न है। 
  9. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त की पत्नी को उसके पिता ने अपने घर से दोनों बच्चों के साथ धक्के देकर भगा दिया है तथा प्रार्थी/अभियुक्त की पत्नी व बच्चों का कोई सहारा नहीं है।
  10. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त दिनांक:-xx-xx-xxxx से जिला कारागार में बंद है तथा प्रार्थी/अभियुक्त का रिमांड माननिय न्यायालय ऑक्सओ मैन मेरठ से हो चुका है।  
  11. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त की जमानत होने के बाद भागने या गवाहन को तोड़ने का कोई अंदेशा नहीं है।
  12. यह कि प्रार्थी/अभियुक्त माननीय न्यायालय की संतुष्टि के लिए उचित जमानत देने को तैयार है।

   अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि प्रार्थी/अभियुक्त को दौरान मुकदमा/सुनवाई वाद उचित जमानत पर रिहा करने के आदेश पारित करने की कृपा करें।

आपकी अति कृपा होगी 

प्रार्थी/अभियुक्त 

द्वारा अधिवक्ता

Court-दूसरी ऍप्लिकेशन्स देखे और लिखे

सेवा में,

श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद मेरठ 

महोदय,

निवेदन है कि प्रार्थी (प्रार्थी का नाम) निवासी (यहाँ अपना पता पूरा लिखे) का निकाह दिनांक xx-xx-xxxx को ab पुत्री bb निवासी यहाँ अपना पता लिखे। के साथ बिना दान दहेज मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार हुआ था। प्रार्थी की पत्नी गुलिस्ता ने प्रार्थी के घर आते ही बात-बात पर झगड़ा करना उल्टी-सीधी हरकत करना शुरू कर दिया। प्रार्थी समझाने की कोशिश करता तो गाली गलौज करके घर से भाग जाती। प्रार्थी बड़ी मुश्किल से गांव से तलाश करके घर पर लाता और काफी बहला-फुसलाकर घर में रखता। प्रार्थी की पत्नी गुलिस्ता किसी न किसी बात का बहाना बनाकर प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार को तंग व परेशान करती रहती। प्रार्थी की पत्नी ने प्रार्थी से कहा कि मेरा निकाह मेरे माता पिता ने मेरी बिना मर्जी के कर दिया है। मैं तो अपने ही गांव के एक लड़के से प्यार करती हूं तथा मैं उसी के साथ निकाह करूंगी। इसीलिए मैं तुम्हारे साथ इस तरह का व्यवहार करती हूं। दिनांक 20-05-2021 प्रार्थी के घर गुलिस्ता की माता रजिया पत्नी अखलाक, अखलाक पुत्र नामालूम, बहन रूबी, मामा निसार, बहनोई वासिक, बहन शाहिस्ता आए। प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार वालों ने उनकी आव भगत व बहुत खातिरदारी की तथा उक्त गुलिस्ता को हरकतों को बताया तो उक्त लोगों ने प्रार्थी की पत्नी गुलिस्ता को काफी समझाया और वहां से चले गए। चार-पांच दिन बाद प्रार्थी घर से दूर काम पर गया था तो इस बीच प्रार्थी की पत्नी का बहनोई वासिक माता-पिता अखलाक व रजिया व बहन गुलिस्ता आए और घर में रखे कीमती सामान व सोने-चांदी के कीमती आभूषण व तीस हजार रुपए लेकर गुलिस्ता के साथ भाग गए। प्रार्थी घर पर आने पर प्रार्थी के घर वालों ने बताया कि तुम्हारी पत्नी हमारे पीछे अपने माता पिता के साथ काफी सामान लेकर चली गई है। प्रार्थी ने फोन पर गुलिस्ता से बात की तो प्रार्थी की पत्नी गुलिस्ता ने कहा कि मुझे गर्भपात कराना है। जिस कारण मैं अपने माता-पिता के साथ घर आई हूं। यदि तुमने इसका विरोध किया तो मैं तुम्हारे सारे परिवार के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दूंगी और तुम्हें सभी को जेल में बंद करा दूंगी। इस तरह के गर्भपात में शादी से पहले भी करा चुकी हूं। मुझे कुछ नहीं हो सकता है। तुम मुझे रोकने की कोशिश मत करना।

   अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि उपरोक्त प्रार्थी की पत्नी गुलिस्ता के झूठे शिकायती प्रार्थना पत्र पर निष्पक्ष जांच कराकर तथा उसे समझा बुझा कर प्रार्थी के साथ भिजवाने की कृपा करें।

   आपकी अति कृपा होगी।

दिनांक:-

प्रार्थी

अंतिम बाते

आपको भी कभी न कभी ऐसी ऍप्लिकेशन्स की जरूरत पड़ेगी तो आप इसको देख सकते है और इसको बहुत अच्छे से लिख सकते है। हमने आपको दो तरीके की ऍप्लिकेशन्स लिखे के विषय मे बताया है। अगर आपको इसके अतिरिक्त किसी ओर तरीके के बारे में जानकारी लेनी है तो आप उसके लिए हमारी team से कांटेक्ट कर सकते है।

अगर आपको हमारा यह लेख पसन्द आया है तो आपको अपने दोस्तों के साथ बाट सकते है जिससे कि उनको भी इसको लिखने के बारे में पता चल सके और आने वाले समय मे उनको कोई परेशानी नही उठानी पड़ी।

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